Day: February 20, 2021 11:58 pm
ख़्वाहिशें
Published Date: February 20, 2021 11:58 pm Leave a Comment on ख़्वाहिशें
छुपाओ जब कोई सच मुझसे, दिल में दर्द हो तुम्हारे, मेरे निस्वार्थ प्रेम का ये सिला दिया तुमने। जब भी गुज़रे तुम्हारी रातें किसी और की बाहों में, रूह बिखर जाये और मेरे पास आने को कसमसाए, ऐसे जोड़ा था नाता तुमसे।
सनम
Published Date: February 20, 2021 12:47 am Leave a Comment on सनम
नींद खुली और तुम मेरी बांहों में थी, निर्वस्त्र। तुम्हारे चेहरे पर आती ज़ुल्फ़ों की महक साँसों में घुलने लगी, तुम्हारे करीब आकर जुल्फें हटाकर तुम्हारा कमनीय चेहरा देखा, बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। रेशम से बाल मेरी उँगलियों में से फिसल गए। तुम्हे अपनी ओर खींचा और तुम्हारे रुखसारों पर अपने होंठ रख दिए, चूमता ही रहा तुम्हे धीमे से।

