Category: Hindi
सज़ा
चाहत बस इतनी-सी है कि कभी **मेरी गलतियों से परे जाकर मेरे प्रेम को देखे**—उस समर्पण को समझे, उस क्षमा को महसूस करे, और उस निःस्वार्थ प्रेम को पहचाने जो आज भी **मेरे भीतर जीवित है।**
नमी
कुछ तो कमी है,कुछ तो नमी है इन आँखों में। तेरे चेहरे की वो हँसीक्यों हँसी जैसी नहीं लगती?यारों के…
Yearning
तुम्हारी याद पता नहींकैसे याद किसी कीइतनी ख़ामोशी सेइंसान के अंदर घर कर लेती है। कभी धूप के नीचेपेड़ों की…
ज़िद
ज़िद्दी था वो। मानता ही नहीं था। Thar लेकर मेरे ऑफिस के बाहर तब तक इंतज़ार करता रहा, जब तक…
बचपन
कुछ पल ज़िंदगी में ऐसे आते हैं जो दिखने में बहुत छोटे होते हैं,पर दिल में हमेशा के लिए घर…
अनुरक्ति
नज़रें चौखट से उठी तो ऐसा लगा मानो तुम ही हो, आज भी हर जगह तुम्हें ही ढूँढ़ता रहता हूँ। सच में तुम हो, आज इतने जमाने बाद, तुम्हें अपने सामने पाकर ऐसा लगा की शायद आज बरसों बाद दिल की आरज़ू कबूल हुई हो। तुम मेरी तरफ बढ़ी और रुक गयी जैसे मुआयना कर रही हो।
करार
आज पता नहीं क्यों तुम्हारी बहुत याद आ रही है। वो भी क्या दिन थे, जब भी मैं तुमसे कहता था की तुम्हे मिस करता हूँ और तुम, चंद घंटो में मुझसे मिलने के लिए बेताब दौड़ी चली आती थी। तुम्हारा कितना इंतज़ार किया मैंने, उससे भी ज्यादा प्यार किया तुझसे , फिर क्यों आज मैं अकेला सा हूँ इस कहानी में।
अधूरी बातें
अधूरी बातें , Adhuri baatein.
अधूरी बातें
एक बेहद अजीज मित्र की कलम से पढ़िए एक खूबसूरत गीत,
Presenting a heartfelt piece penned down by one of my dearest friend. Hope you like it as much as I did.









