Day: September 9, 2026 11:15 am
सज़ा
Published Date: September 9, 2026 11:15 am Leave a Comment on सज़ा
चाहत बस इतनी-सी है कि कभी **मेरी गलतियों से परे जाकर मेरे प्रेम को देखे**—उस समर्पण को समझे, उस क्षमा को महसूस करे, और उस निःस्वार्थ प्रेम को पहचाने जो आज भी **मेरे भीतर जीवित है।**
नमी
Published Date: September 9, 2026 1:19 am Leave a Comment on नमी
कुछ तो कमी है,कुछ तो नमी है इन आँखों में। तेरे चेहरे की वो हँसीक्यों हँसी जैसी नहीं लगती?यारों के…

