Category: Novel
Part 20
उस रात मैं लगभग बिल्कुल नहीं सोई। घड़ी की सुइयाँ आगे बढ़ रही थीं और मैं छत को देखती हुई…
Part 19
Diary बंद करने के बाद भी मेरा मन शांत नहीं होता था। मैंने खुद से वादा किया था कि मैं…
Part 18 — Ananya POV
मैं नए office की building के बाहर खड़ी थी। सुबह की धूप सामने लगे बड़े-बड़े glass panels पर पड़ रही…
Part 17 Rewritten
Ananya ke farewell ki रात के बाद मैं रोज़ की तरह ऑफिस पहुँचा। आदतें बड़ी अजीब होती हैं, इंसान बदल…
Part 16 Ananya POV
मैंने कल रात के messages देखे और मैं हंसने लगी। आज भी हमारे बीच वही पुरानी, अधूरी और अजीब सी…
Part 15 Ananya POV
मैंने अपना phone उठाया, तो उसकी profile picture पर आकर मेरी नज़र ठहर गई। इतने सालों बाद भी, महज़ उसका…
Part 14
अगली सुबह मेरी आँख हमेशा की तरह पाँच बजे खुल गई। कुछ पल मैं यूँ ही छत देखता रहा। फिर…
Part 13
ऊपर लौटते-लौटते करीब दो बज चुके थे। Lunch के बाद office का माहौल सुबह से बिल्कुल अलग हो जाता था।…
Part 12
Tuesday की सुबह हमेशा Monday से थोड़ी आसान होती थी। Weekend की बातें धीरे-धीरे ख़त्म हो जाती थीं और पूरा…
Part 11
Weekend कब ख़त्म हुआ, पता ही नहीं चला। Friday की उस रात के बाद मैंने कई बार खुद को समझाया…









