तुम होते हो मेरे ख़यालों में, और मुझे दिल को समझाने में इतनी मशक्कत करनी पड़ रही है कि तुम मेरे नहीं हो। ना हो सकते हो, ना कभी थे।
We don’t have a future together.
कैसे कोई अजनबी इंसान आके दिल में, दिमाग़ में, तुम्हारी life में इतनी जगह बना लेता है कि हर तरफ़ बस वही रहता है। इतने दिन से तुम्हें कुछ देने के लिए परेशान हूँ। साथ लिए घूमती हूँ, तुम्हारा इंतज़ार करती हूँ।
कल तुमने मुझे एक reel भेजी थी — “How do I explain the weight of this scene to someone who hasn’t watched Laila Majnu?” आज मैं office से 5:30 बजे निकल गई, इसी चक्कर में कि आज मैं Laila Majnu देखकर रहूँगी। पूरी movie 7 बजे तक ख़त्म कर दी, और मुझे ऐसा लगा जैसे मैं मजनूँ बन गई हूँ। और ये प्यार मुझे लेकर डूब जाएगा।
ना तुम मेरे होगे, ना मैं तुम्हारी, ना हम कभी एक-दूसरे के।
मैं ये सोचकर बैठी थी कि तुम्हें भी शायद कहीं मुझसे थोड़ी-सी attachment होगी। But ऐसा कुछ भी नहीं था। तुम्हारे लिए मैं शायद एक normal दोस्त थी। हमारे बीच में जो भी था, वो बस मेरी तरफ़ से था।
शायद मैं कभी तुम्हें समझ ही नहीं पाई। What you meant to me, how much I loved you, how much I waited for you… express करना नहीं आता था ना मुझे। मुझे लगा तुम शायद समझ जाओगे।
मैं पूरी movie में तुम्हें ढूँढ़ रही थी। पता नहीं किसने तोड़ा है तुम्हारा दिल। कौन थी वो जिसने तुम्हें छोड़ दिया? क्यों छोड़ दिया? कैसे छोड़ दिया? शायद तुम्हें भी उससे उभरने में time लगा होगा, जैसे मुझे तुमसे उभरने में लग रहा है।
काश मैं तुम्हारा दुख देख पाती। उसे कुछ कम कर पाती। पर मैं खुद में ही उलझी हूँ। रोज़-रोज़ मेरा दिल थोड़ा-सा और टूट जाता है, ये सोचकर कि हमारे बीच सब कुछ ख़त्म जैसा है, और मेरी ही गलती की वजह से है।
शायद तुमने मुझे एक अच्छा दोस्त माना था, और मैं एक अच्छी दोस्त नहीं बन पाई। अपनी feelings को बीच में लाकर मैंने सब complicate कर दिया।
खोना अभी भी नहीं चाहती, पर लगता है जैसे खो दिया था। और बस अब इसी आस में हूँ कि सब चीज़ें सही हो जाएँ।
ऐसा क्या करूँ? कैसे अपने कहे हुए शब्द, अपने actions वापस ले लूँ, कि तुम ठीक हो जाओ?
मैं एक painful memory बनकर नहीं रहना चाहती।
पता नहीं तुम मुझे अपनी life में रखना भी चाहते हो कि नहीं।
उस दिन, जिस दिन तुम मेरे पास आए थे, और तुमने अचानक से मेरा हाथ पकड़ा था… ऐसा लगा जैसे मेरा सारा अस्तित्व वहीं सिमट कर रह गया।मैं घबरा गई थी। ऐसा लगा कि अगर मैंने तुम्हारी तरफ़ एक कदम भी बढ़ा लिया, तो मैं ख़ुद को रोक नहीं पाऊँगी।
तुम्हारे जाने के बाद मैं लगातार रोई हूँ। शाम तक… रात तक… अकेले, कमरे में बंद। जैसे तुम मेरे हाथों में थे, मेरे सामने थे, और मैं फिर भी तुमसे ये नहीं कह पाई
How much I love you.
क्यों मुझे तुमसे प्यार हो गया इस क़दर? क्यों तुम्हारे एक बार हाथ पकड़ लेने से ऐसा लगा कि मेरी पूरी दुनिया वहीं ठहर गई? क्यों तुम्हारे चले जाने के बाद ऐसा लगा जैसे मेरे अंदर भी कुछ चला गया?
क्यों तुम हो… और फिर भी मेरे नहीं हो?
क्यों मैं तुम्हें बता नहीं पाई कि तुम मेरे लिए क्या बन चुके थे?
क्यों…
कितनी देर जहाँ सोफ़े पर तुम बैठे थे, वहीं बैठकर मैंने ख़ुद को समेटकर, सिर टिकाकर रोया है।
तुम्हारा एक आँसू भी गिरा… वो क्यों गिरा? मुझे इतना दर्द कभी नहीं हुआ, जितना उसे गिरते देखकर हुआ।
I was selfish. मैंने तुम्हारे बारे में नहीं सोचा। मैं तुम्हें थाम लेना चाहती थी, लेकिन थाम नहीं पाई।
कितना रोका मैंने तुम्हें… पता नहीं क्यों। जैसे एक पल तुम और रुक जाओगे, तो दिल को सुकून मिल जाएगा। कहीं मुझे अकेला छोड़कर मत चले जाना। मुझे भूल मत जाना।
मुझे हमेशा तुम्हें अपने पास रखना है… किसी भी तरह।
मैंने M नाम का एक bracelet खरीद लिया है। पहन लिया है हाथों में। मैं कभी नहीं उतारूँगी उसे। यही निशानी है मेरे प्यार की।
मैं जब तक ज़िंदा हूँ, मैं तुमसे बहुत प्यार करूँगी। चाहे तुम मेरे हो या नहीं हो। चाहे तुम मुझे अपना कुछ भी न मानो। चाहे मैं अपने दिल को कभी जवाब न दे पाऊँ कि क्यों ये दिल मेरा इतना तुम पर मर रहा है… जाने ही नहीं दे रहा तुम्हें।
दिमाग़ को सब बातें साफ़ पता हैं, मगर ये मेरा दिल मानकर बैठा है कि दुनिया पूरी तुम ही हो।
सबसे मुश्किल तुम्हारे बिना रहना नहीं था। सबसे मुश्किल ये था कि धीरे-धीरे मैं खुद जैसी नहीं रही। मैं लोगों के बीच बैठी होती हूँ, बातें भी करती हूँ, काम भी करती हूँ… पर अंदर कहीं ऐसा लगता है जैसे मेरा एक हिस्सा वहीं अटका हुआ है, जहाँ हम आख़िरी बार ठीक थे। शायद इसी को दूरी कहते हैं। इंसान सामने होता, लेकिन उसकी कमी हर पल तुम्हारे साथ चलती रहती है।
मुझे तुम्हारी आदत हो गई है। मैं दिन में कितनी बार तुम्हारे बारे में सोचती हूँ, ये गिनना भी छोड़ दिया है। सच बोलूँ तो अब मैं ये सोचती हूँ कि ऐसा कौन-सा पल होता है जब मैं तुम्हारे बारे में नहीं सोच रही होती। तुम सामने नहीं होते, तो एक अजीब-सी बेचैनी रहती है। कुछ अच्छा नहीं लगता। हर थोड़ी देर में मन करता है बस एक बार तुम्हें देख लूँ। ये क्या हो गया है मुझे? क्यों हो गया है? I’m a fucking grown-up adult. मुझे पता है कि ये सब कितना irrational है। मुझे reality पता है। मुझे पता है कि तुम मेरे नहीं हो। फिर भी मेरा दिल है कि तुम्हारे पास से हटता ही नहीं। क्यों?
सब कहते हैं time के साथ सब ठीक हो जाता है। लेकिन मुझे सबसे ज़्यादा डर उस दिन से लगता है, जिस दिन तुम चले जाओगे। अगर आज, जब तुम इसी office में हो, मैं तुम्हारी इतनी याद में टूट रही हूँ… तो उस दिन क्या होगा जब तुम सच में यहाँ नहीं होगे? मैं कैसे सहूँगी वो distance? कैसे जी पाऊँगी ऐसे कि तुम बस एक memory बन जाओ? मैं तुम्हारे लिए सिर्फ़ happiness चाहती हूँ। I genuinely do. तुम जहाँ रहो, जिस भी इंसान के साथ रहो, बस खुश रहो। लेकिन मेरा दिल… मेरा दिल तो टूट गया है। और मुझे लगता है कि ये रोज़ थोड़ा-थोड़ा करके और टूट रहा है। कभी-कभी लगता है एक दिन ऐसा आएगा कि मैं खुद को समेट ही नहीं पाऊँगी। And then I hate myself. I hate myself for loving you this much. I hate myself for letting one person become this important. मैंने ये क्या कर दिया?
पागल हो गई हूँ तुम्हारे प्यार में। क्यों मुझे कभी किसी से प्यार नहीं हुआ… और अगर हुआ भी, तो ऐसे क्यों हुआ? जैसे मैंने कुछ बहुत कीमती पा भी लिया था… और उसी पल उसे हमेशा के लिए खो भी दिया। कभी-कभी लगता है, मैंने तुम्हें नहीं खोया… मैंने अपने अंदर का कोई हिस्सा खो दिया है। वही हिस्सा जो अब हर वक़्त तुम्हें ही ढूँढ़ता रहता है।
Why did I let someone come so close to my heart? कुछ ही हफ़्तों बाद शायद तुम्हें देख पाना, तुमसे मिल पाना impossible होगा। बस उस दिन के बारे में सोचकर ही आँसू रुकते नहीं। समझ नहीं आता मैं कैसे रहूँगी उस दिन, जब तुम मेरी नज़रों के सामने भी नहीं होगे। I fucking hate myself. Why can’t I stop loving you? Why can’t I learn to live without you? What has happened to me? Why? कैसे एक इंसान मेरी पूरी दुनिया बन गया… और मुझे पता भी नहीं चला।
बस मैं तुम्हारे बिना इस दुनिया में नहीं रहना चाहती जहाँ मेरी नज़रों के सामने तुम ना हो,
I love you so much,
I dont know what to do with this love.
My heart knows, you are going and drifting away and I cant bring you back, you were mine for a little while, and I wish and hope may be its enough to live with it for the rest of my life.
Please forgive me whatever I did, I did out of love, I dont have an apology, I just love you, हो सके तो मुझे माफ़ कर देना। मैंने तुम्हारा बहुत दिल दुखाया। जो कुछ भी तुम्हें मेरे कारण सहना पड़ा, उसके लिए मुझे सच में बहुत अफ़सोस है। काश मैं उस वक़्त थोड़ी और समझदार, थोड़ी और Gentle होती। मैं तुम्हें दर्द देने वालों में कभी शामिल नहीं होना चाहती थी। I hate myself for having you to question whatever you were, You were and are most important person in my life. Will always be and forever.
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